जयपुर के पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो में 1.39 करोड़ रुपये की IGST ITC का नियमानुसार रिवर्सल नहीं किया गया था। विभाग की कार्रवाई के बाद करदाता ने पूरी 1,38,88,072 रुपये की राशि जमा कर दी।
अलवर के अलवर सोल्वेक्स मामले में करीब 30 लाख रुपये की संभावित राशि सामने आई है। मामला आग से हुए स्टॉक और ITC नुकसान से जुड़ा है। वहीं खेरलीवाला प्रोडक्ट्स ने जांच के दौरान 10 लाख रुपये स्वैच्छिक रूप से जमा किए।
सुजानगढ़ के गायत्री स्टोन क्रशर में सर्कुलर ट्रेडिंग और बिना वास्तविक आपूर्ति के बिल जारी करने जैसी अनियमितताओं की आशंका सामने आई है। मामले में करीब 10.15 लाख रुपये की संभावित राशि का आकलन कर दस्तावेज जब्त किए गए।
सवाई माधोपुर के शिव ऑयल इंडस्ट्रीज में करीब 28.98 लाख रुपये की ITC की जांच की जा रही है। इस मामले में 15 लाख रुपये स्वैच्छिक रूप से जमा किए गए हैं।
इसी तरह मकराना के राधे कृष्णा टिम्बर्स में बिना उचित बिलिंग के खरीद-बिक्री और ITC के जरिए कर देयता कम करने की आशंका सामने आई। यहां करीब 12 लाख रुपये की संभावित राशि के बीच 10 लाख रुपये जमा किए गए।
विभाग ने कहा है कि सभी मामलों में दस्तावेज, रिटर्न, लेखा पुस्तकों और डिजिटल डेटा के आधार पर आगे जांच की जाएगी। अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।