बैठक में प्लास्टिक मुक्त राजस्थान अभियान के तहत बर्तन बैंक और विधायक कोष के निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया। मंत्री ने अन्नपूर्णा रसोई का प्रतिमाह निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
मंत्री ने पंचायती राज भवनों के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तारहित निर्माण पाए जाने पर इंजीनियर, संबंधित अधिकारी और ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने ग्राम सभाओं को प्रभावी बनाने और नए ग्राम सभा रजिस्टर का नमूना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के बाद नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पंचायत कार्मिकों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
बैठक में गांवों में निर्मित शौचालयों की कार्यशीलता, सामुदायिक शौचालयों की प्रगति, स्वच्छता और तालाबों से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। मंत्री ने खुले बोरवेल को ढकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा गांवों में श्मशान स्थल और खेल मैदान विकसित करने तथा मृत पशुओं के निस्तारण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया।
मंत्री ने आबादी एवं चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने जनसुनवाई और ई-पंचायत पोर्टल को अपडेट रखने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने कहा कि नए पंचायती राज की परिकल्पना को धरातल पर उतारते हुए पंचायतों को अधिक जवाबदेह, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाया जाए।
बैठक में डॉ. जोगाराम, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज, सुश्री सलोनी खेमका, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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