झालावाड़। मानव तस्करी के एक गंभीर मामले में पुलिस ने बालिकाओं की खरीद-फरोख्त में शामिल महिला आरोपी रामकन्याबाई को गिरफ्तार किया। वह पिछले 15 वर्षों से इस अवैध धंधे में लिप्त थी और इस दौरान करोड़ों रुपए की कमाई कर चुकी है। इस काम में उसका पति और बेटा भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि रामकन्याबाई बूंदी, झालावाड़, टोंक, भीलवाड़ा और सवाई माधोपुर में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों को अपने निशाने पर रखती थी। परिवारों के मुखिया की अनुपस्थिति, बीमार या दिव्यांग सदस्य होने जैसी परिस्थितियों का फायदा उठाकर वह मासूम लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाती थी।
इसके बाद दूसरे स्तर के दलाल लड़कियों को 4–5 साल तक प्रशिक्षित करते थे। उन्हें मॉडर्न लड़कियों की तरह जीने की ट्रेनिंग दी जाती, शरीर पर टैटू करवाए जाते और महंगे आईफोन और कपड़े दिए जाते। 13–14 साल की उम्र तक पहुंचने पर इन्हें मुंबई में तीसरे स्तर के दलाल को बेच दिया जाता, जहां वे देह व्यापार में शामिल होती थीं।
रामकन्याबाई के पास बूंदी के डबलाना में आलीशान मकान, शंकरपुरा में पक्का घर और महंगी लग्जरी कार मिली है, जिनकी कीमत 2–3 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस उसके बैंक खातों और रेवेन्यू रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। गिरफ्त में आए गिरोह ने बच्चियों को बेचकर 5–10 लाख रुपए तक कमाई की है।